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आरटीआई

सूचना का अधिकार (आरटीआई)

सूचना का अधिकार (आरटीआई) भारतीय संसद का एक अधिनियम है जो वर्ष 2005 से लागू है। इसके तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी सार्वजनिक प्राधिकरण (सरकारी निकाय या राज्य की संस्था) से सूचना का अनुरोध कर सकता है। सार्वजनिक प्राधिकरण को इस अनुरोध का उत्तर शीघ्रता से या 30 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है। अधिनियम के अनुसार सभी सार्वजनिक प्राधिकरणों को अपने अभिलेखों को कम्प्यूटरीकृत करना होगा ताकि व्यापक रूप से उनका प्रसार हो सके और नागरिकों को सूचना के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध करने की आवश्यकता कम से कम हो। सार्वजनिक प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह अधिनियम नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों के नियंत्रण में मौजूद आवश्यक सूचना तक पहुंच प्रदान करता है। सूचना का अनुरोध करने के लिए राज्य लोक सूचना अधिकारी को लिखित आवेदन देना आवश्यक है। इस आवेदन में आवेदक का नाम और पता तथा आवश्यक सूचना का विवरण शामिल होना चाहिए। 10 रुपये का कोर्ट फीस स्टाम्प भी अनिवार्य है।

आवेदन का प्रारूप यहां से प्राप्त किया जा सकता है: अनुलग्नक "ए" (नियम 3 देखें), सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदन का प्रारूप। संस्थान अपने सूचना के अधिकार प्रकोष्ठ के माध्यम से इस सूचना के अधिकार अधिनियम का अनुपालन करता है।

लोक सूचना अधिकारी प्रथम अपीलीय प्राधिकारी
नाम डॉ. शुभांगी बाविस्कर डॉ. धवल थोरात
पदनाम उप आयुक्त, टीकाकरण निदेशक
पता 332, एस.वी.पी. रोड, खेतवाड़ी,
मुंबई - 400 004, महाराष्ट्र
332, एस.वी.पी. रोड, खेतवाड़ी,
मुंबई - 400 004, महाराष्ट्र
संपर्क नंबर 022-23881724 022-23862736
ई-मेल director[dot]fwtrc[at]nic[dot]in director[dot]fwtrc[at]nic[dot]in